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उपाय और मंत्र16 जून 2026 · 6 मिनट

वैदिक अंक ज्योतिष का परिचय

अंकों का भी अपना अर्थ होता है। जानिए अपना मूलांक और भाग्यांक कैसे निकालें, 1 से 9 तक हर अंक क्या दर्शाता है, और अंक ज्योतिष किस तरह ज्योतिष शास्त्र का पूरक बनता है।

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अंक ज्योतिष, यानी वैदिक न्यूमरोलॉजी, हमारे जीवन पर अंकों के प्रभाव का अध्ययन करता है। 1 से 9 तक हर अंक किसी एक ग्रह और कुछ खास गुणों से जुड़ा होता है। दो अंक सबसे ज़्यादा निजी माने जाते हैं: जन्म की तारीख से निकलने वाला आपका मूलांक, और पूरी जन्मतिथि से निकलने वाला आपका भाग्यांक।

अपने अंक कैसे निकालें

  • मूलांक: जन्म की तारीख (दिन) के अंकों को जोड़कर एक अंक तक ले आएँ। जैसे 23 तारीख को जन्म हुआ हो तो 2+3 = 5।
  • भाग्यांक: पूरी जन्मतिथि के सभी अंकों को जोड़ें और योग को एक अंक तक ले आएँ।
  • उदाहरण: 23-08-1990 → 2+3+0+8+1+9+9+0 = 32 → 3+2 = 5।

हर अंक का अर्थ

अंकग्रहस्वभाव
1सूर्यनेतृत्व, आत्मनिर्भरता, महत्वाकांक्षा
2चंद्रमासंवेदनशीलता, सहयोग, कल्पनाशीलता
3गुरु (बृहस्पति)ज्ञान, आशावाद, शिक्षण
4राहुअनुशासन, लीक से हटकर सोच, कड़ी मेहनत
5बुधसंवाद, परिस्थितियों के अनुसार ढलना, व्यापार
6शुक्रप्रेम, सौंदर्य, सुख-सुविधा, सामंजस्य
7केतुआध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान, शोध
8शनिअनुशासन, कर्म, सहनशक्ति
9मंगलऊर्जा, साहस, कर्मठता

अंक ज्योतिष, ज्योतिष शास्त्र का पूरक कैसे है

अंक ज्योतिष जन्म कुंडली का विकल्प नहीं, बल्कि उसे देखने का एक पूरक नज़रिया है। बहुत से लोग इसका उपयोग खुद को जल्दी समझने, शुभ तारीख चुनने या नाम की वर्तनी तय करने के लिए करते हैं। कुंडली के साथ मिलाकर पढ़ा जाए, तो यह ग्रहों के संकेतों की पुष्टि कर सकता है या उन्हें और स्पष्ट कर सकता है।

अंक ज्योतिष आत्मचिंतन और मार्गदर्शन देता है, कोई निश्चितता नहीं। यह लेख जानकारी के लिए है; आप AI AstroCall पर अपने अंकों के बारे में और जान सकते हैं।
ध्यान दें: यह लेख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जानकारी के लिए है। पूजा-पाठ की परंपराएँ क्षेत्र, समाज और परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए अपने बड़ों या कुल पुरोहित के मार्गदर्शन का पालन करें। अपनी कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत सलाह के लिए आप AI AstroCall पर ज्योतिषी से बात कर सकते हैं। हमारा अस्वीकरण देखें।

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