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पूजा विधि21 मई 2026 · 6 मिनट

ग्रहों की शांति के लिए नवग्रह शांति पूजा कैसे करें

नवग्रह पूजा में नौ ग्रहों का आशीर्वाद माँगा जाता है। जानिए ग्रहों को किस क्रम में स्थापित करते हैं, हर ग्रह का रंग और अर्पण क्या है, और शांति व संतुलन के लिए हर ग्रह का आह्वान किस मंत्र से होता है।

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नवग्रह शांति पूजा नौ ग्रहों का आशीर्वाद पाने और किसी कष्टदायक ग्रह-दशा के प्रभाव को कम करने के लिए की जाती है। यह पूजा अक्सर किसी बड़े शुभ कार्य से पहले की जाती है, या कुंडली देखने के बाद उपाय के रूप में बताई जाती है।

ग्रहों की स्थापना का क्रम

परंपरा के अनुसार नौ ग्रहों को एक निश्चित चौकोर क्रम में स्थापित किया जाता है, जिसमें सूर्य बीच में होते हैं और हर ग्रह अपनी तय दिशा में रहता है। हर ग्रह का अपना रंग, अनाज, धातु और अर्पण होता है, और हर ग्रह का आह्वान उसके अपने मंत्र से किया जाता है। नवग्रह मंदिरों में भी यही क्रम रखा जाता है, ताकि भक्त उनकी परिक्रमा कर सकें।

ग्रहों के रंग और अर्पण

ग्रहरंगअनाज / अर्पण
सूर्यलालगेहूँ
चंद्रमासफ़ेदचावल
मंगललालअरहर (तूर) / मसूर दाल
बुधहराहरी मूँग
गुरु (बृहस्पति)पीलाचने की दाल / चना
शुक्रसफ़ेदसफ़ेद सेम / चावल
शनिकाला/नीलाकाले तिल / उड़द
राहुधुएँ जैसा (धूम्र)उड़द (काली उड़द)
केतुबहुरंगीकुलथी

पूजा की विधि

  1. 1सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें, फिर एक-एक करके हर ग्रह का उसके रंग, अनाज और मंत्र के साथ आह्वान करें।
  2. 2हर ग्रह को फूल, अक्षत और दीपक अर्पित करें और उसकी कृपा व शुभ प्रभाव के लिए प्रार्थना करें।
  3. 3नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें या हर ग्रह के बीज मंत्र का बताई गई संख्या में जाप करें।
  4. 4अंत में आरती करें और जो ग्रह पीड़ित हो, उससे जुड़ी वस्तुओं का दान करें।
किसी विशेष ग्रह के उपाय के लिए पूजा और दान किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित जी के मार्गदर्शन में ही करें। यह जानकारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समझ के लिए दी गई है।
ध्यान दें: यह लेख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जानकारी के लिए है। पूजा-पाठ की परंपराएँ क्षेत्र, समाज और परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए अपने बड़ों या कुल पुरोहित के मार्गदर्शन का पालन करें। अपनी कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत सलाह के लिए आप AI AstroCall पर ज्योतिषी से बात कर सकते हैं। हमारा अस्वीकरण देखें।

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